
राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की जिला स्तरीय प्रतियोगिता आज, विद्यार्थी प्रस्तुत करेंगे वैज्ञानिक प्रोजेक्ट
DIET पेंड्रा में होगा आयोजन, नवाचार और वैज्ञानिक सोच के आधार पर परखी जाएगी विद्यार्थियों की प्रतिभा

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस (NCSC) 2026-27 के अंतर्गत जिला स्तरीय बाल विज्ञान परियोजना प्रतियोगिता का आयोजन 23 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), पेंड्रा में किया जाएगा। कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रतियोगिता में जिले के विद्यार्थी अपने वैज्ञानिक प्रोजेक्ट प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री रजनीश तिवारी ने बताया कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक चिंतन, नवाचार और अनुसंधान की प्रवृत्ति विकसित करना है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को अपने आसपास की समस्याओं को समझने, उनका वैज्ञानिक तरीके से अध्ययन करने और संभावित समाधान खोजने का अवसर मिलता है।

वैज्ञानिक सोच और नवाचार के आधार पर होगा मूल्यांकन प्रतियोगिता में चयनित विद्यार्थियों द्वारा अपने-अपने वैज्ञानिक प्रोजेक्ट निर्णायक मंडल के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। निर्णायक मंडल प्रोजेक्ट की विषयगत प्रासंगिकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, समस्या की समझ, अध्ययन एवं अनुसंधान पद्धति, आंकड़ों के विश्लेषण, निष्कर्ष तथा प्रस्तुतीकरण क्षमता के आधार पर मूल्यांकन करेगा।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री तिवारी ने बताया कि प्रतियोगिता की तैयारी के तहत 10 अक्टूबर 2026 को गठित निर्णायक मंडल के सदस्यों द्वारा प्राप्त प्रोजेक्ट फाइलों का अध्ययन एवं परीक्षण किया गया। इस प्रक्रिया के माध्यम से नवाचारी और उत्कृष्ट प्रोजेक्टों के चयन की कार्यवाही पूरी की जा चुकी है।

विद्यार्थियों को जिला और राज्य स्तर पर मिलेगा आगे बढ़ने का अवसर
राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती है। इसके माध्यम से विद्यार्थी स्थानीय समस्याओं का अवलोकन कर वैज्ञानिक पद्धति से उनका अध्ययन करते हैं और अपने निष्कर्षों को परियोजना के रूप में प्रस्तुत करते हैं।
इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ उनकी रचनात्मकता, विश्लेषणात्मक क्षमता और समस्या समाधान कौशल को प्रोत्साहित करना है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
जिला शिक्षा विभाग के अनुसार, प्रतियोगिता के आयोजन को लेकर आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला स्तरीय यह आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चेतना विकसित करने और उनमें अनुसंधान के प्रति रुचि बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होने की उम्मीद है।















